आखिर भारतीय लोगों के घरों में क्यों होता है ये 3 ब्लेड वाला पंखा? - AcchiNews.com अच्छी न्यूज़ डॉट कॉम

AcchiNews.Com अच्छी न्यूज़ डॉट कॉम is Hindi Motivational Inspirational quotes site here you can find all positive khabar in hindi.

Earn Money

आखिर भारतीय लोगों के घरों में क्यों होता है ये 3 ब्लेड वाला पंखा?

Mi सेल लगी मात्र 1 रुपये में कई प्रोडक्ट आपके हो सकते हैं अभी अप्लाई करो www.saleoffer.online Or पाइये paytm 1000 रुपये रिचार्ज आफर http://bit.ly/2EG1SuE
घरों में पंखे का इस्तेमाल हर वर्ग के लोग करते है. चाहे वो अमीर हो या फिर गरीब. वहीं, पंखे का इस्तेमाल विदेशों में भी होता है, लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि सीलिंग फैन में ब्लेड तीन, चार या पांच ही क्यों होती है और भारत में ज्यादातर लोग तीन ब्लेड्स वाले पंखे का ही क्यों इस्तेमाल करते हैं?
भारत में आप किसी भी राज्य में चले जाएं, वहां आप देखेंगे कि ज्यादातर लोगों के घरों में तीन ब्लेड्स के पंखे लगे हैं, आज हम आपको इसी के बारे में बताने जा रहे हैं कि भारत के लोग तीन ब्लेड्स के पंखे क्यों लगाते हैं और विदेशों के ठंडे इलाके में ज्यादातर लोगों के घरों मे चार ब्लेड्स के पंखे लगाने का कारण क्या है
ठंडे देशों में अधिकतर लोग अपने घरों में चार ब्लेड्स के पंखे लगाते हैं, क्योंकि इन इलाकों में ज्यादातर लोग अपने घरों में एयर कंडीशनर (AC) लगाते हैं, इसलिए वो पंखों का इस्तेमाल घरों को ठंडा करने के लिए नहीं करते, बल्कि सप्लीमेंट के तौर पर पंखे का इस्तेमाल करते हैं. वहीं AC की हवा को पूरे घर में फैलाने के लिए भी यहां के लोग अपने घरों में चार ब्लेड्स के पंखे लगाते हैं.
वहीं, भारत में ज्यादातर लोग गरीब और मध्यम वर्ग के लोग रहते हैं. यहां लोग ठंडी हवा पाने के लिए पंखों का ही ज्यादातर इस्तेमाल करते हैं. गर्मी में लोग पंखे लाकर गर्मी में आनंद का अनुभव करते हैं. बता दें कि तीन ब्लेड्स वाले पंखे चार ब्लेड्स वाले पंखों की तुलना में ज्यादा हवादार होते हैं. तीन ब्लेड्स वाले पंखे हल्के होने के साथ काफी तेज भी होते हैं. इसलिए भारत में लोग 3 ब्लेड के पंखे का इस्तेमाल करते हैं.
इसी के साथ तीन ब्लेड वाले पंखे से बिजली की बचत होती है. वहीं, छोटे कमरों के लिए तीन ब्लेड वाले सही भी होते हैं और इसकी हवा चारों ओर फैल भी जाती है. इसलिए भारत के लोग तीन ब्लेड्स के पंखे लगाना ज्यादा उचित समझते हैं.