कांग्रेस में क्‍यों मची है भगदड़, 6 राज्‍यों में 17 दिग्‍गजों ने थामा बीजेपी का दामन - AcchiNews.com अच्छी न्यूज़ डॉट कॉम

AcchiNews.Com अच्छी न्यूज़ डॉट कॉम is Hindi Motivational Inspirational quotes site here you can find all positive khabar in hindi.

Earn Money

कांग्रेस में क्‍यों मची है भगदड़, 6 राज्‍यों में 17 दिग्‍गजों ने थामा बीजेपी का दामन

Mi सेल लगी मात्र 1 रुपये में कई प्रोडक्ट आपके हो सकते हैं अभी अप्लाई करो www.saleoffer.online Or पाइये paytm 1000 रुपये रिचार्ज आफर https://ift.tt/2OqCzSo
लोकसभा चुनाव का नगाड़ा बज चुका है. योद्धाओं ने कमर कस ली है. विपक्ष की मुख्य पार्टी कांग्रेस ने बीड़ा उठा लिया है कि अबकी बार मोदी को सरकार से बाहर करना है. इसके लिए कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने मोर्चा थाम लिया है, लेकिन दंगल का नगाड़ा बजते ही कांग्रेस के खेमे में भागम भाग मच गई है. राहुल गांधी के हाथ का साथ छोड़कर एक के बाद एक नेता जा रहे हैं.

उत्तर भारत से दक्षिण भारत तक कांग्रेस नेता राहुल गांधी का दामन छोड़कर बीजेपी में शामिल हो रहे हैं. अब तक 6 राज्यों में 17 बड़े नेता कांग्रेस का साथ छोड़कर भगवा ब्रिगेड में शामिल हो गए हैं. इनके अलावा कई और छोटे नेता पार्टी छोड़ चुके हैं. अटकलें हैं कि आने वाले दिनों कई पुराने कांग्रेसी बीजेपी में शामिल हो सकते हैं

एक तरफ जहां पार्टी आलाकमान चुनाव जीतने के लिए महागठबंधन संग जोड़-तोड़ में लगा है, वहीं उसके अनुभवी नेता टूट-टूटकर अलग हो रहे हैं. कांग्रेस छोड़ने वालों में सबसे बड़ा नाम हैं टॉम वडक्कन. 14 अप्रैल को कांग्रेस पार्टी के महासचिव और प्रवक्ता रहे टॉम वडक्कन ने बीजेपी से नाता जोड़ लिया और हवाला दिया कि सेना के अपमान से वो आहत थे. भाजपा में शामिल हुए टॉम वडक्कन को लेकर अगले ही दिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बड़ा बयान दिया. राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ में इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इस बात को नकार दिया कि टॉम वडक्कन के बीजेपी में जाने से पार्टी को बड़ा झटका लगा है.


राहुल गांधी भले ये दावा करें कि टॉम वडक्कन सहित और नेताओं के जाने से उनको फर्क नहीं पड़ता, लेकिन जानकार मानते हैं कि दलबदल की इस राजनीति से कांग्रेस को नुकसान होता दिख रहा है. इस बारे में वरिष्‍ठ पत्रकार निस्‍तुला हेब्‍बर ने बताया कि नुकसान हो सकता है. लेकिन दूसरे दल भी विरोधी खेमों में हाथ मार रहे हैं.

कांग्रेस ने अपने नेताओं में जोश भरने के लिए ही प्रियंका गांधी को मैदान में उतारा था. उन्होंने माहौल बनाने की कोशिश भी की. उन्‍होंने अपनी पहली रैली में कहा था कि सोच समझकर मतदान करें.

कभी सोनिया के करीबी थे वडक्‍कन 
प्रियंका गांधी पीएम मोदी को हराने के लिए जनता का साथ मांग रही हैं लेकिन कांग्रेस के बड़े नेताओं का साथ नहीं देने इस बात का इशारा माना जा रहा है कि कांग्रेस में सबकुछ ठीक नहीं है. इसमें सबसे चौंकाने वाली घटना टॉम वडक्कन का बीजेपी में शामिल होना रहा है. टॉम वडक्कन UPA अध्यक्ष सोनिया गांधी के क़रीबी सहयोगी हुआ करते थे. वडक्कन कांग्रेस पार्टी में राष्ट्रीय प्रवक्ता जैसे पद पर भी रहे. लेकिन कांग्रेस छोड़ते हुए वडक्कन ने कांग्रेस के नेतृत्व पर ही सवाल उठा दिए.

Loading...


वडक्कन ने कहा, 'पार्टी में कौन पावर सेंटर है, यह पता ही नहीं चल पा रहा था.

बीजेपी इस समय दक्षिण भारत में अपना जनाधार बढ़ाने की कोशिशों में लगी है. माना जा रहा है कि टॉम वडक्कन इस समय केरल में उसका जनाधार बढ़ाने के लिए ख़ासे काम आ सकते हैं. वो केरल के बड़े कांग्रेसी नेता हैं. दलबदल की इस राजनीति से एक तरफ जहां कांग्रेस को नुकसान होता दिख रहा है, दूसरी तरफ भाजपा इन नेताओं के जरिए अपना चुनावी समीकरण सुधारने में जुटी हुई है.

हरियाणा में बीजेपी ने कांग्रेस के एक बड़े नेता और पूर्व सांसद अरविंद शर्मा को तोड़कर अपने पाले में शामिल कर लिया है.एक के बाद एक कांग्रेस नेताओं के जाने राहुल गांधी के सामने ये संकट खड़ा हो गया है कि वे सरकार के साथ चुनावी लड़ाई लड़ें या फिर अपनों को टूटने से रोके.

बीजेपी में कांग्रेस के ऐसे नेता शामिल हो रहे हैं जिनकी अपने-अपने इलाकों और राज्यों में ठीक ठाक जनाधार रखते हैं. इन नेताओं के बीजेपी में आने के बाद बीजेपी को उम्मीद है कि उनके इलाकों की कई लोकसभा सीटों पर भगवा दल का प्रदर्शन बेहतर हो सकता है.

ये कांग्रेस नेता बने भाजपाई
असम में कांग्रेस के पूर्व मंत्री रहे गौतम रॉय, कांग्रेस के पूर्व सांसद किरिप चालिहा, सिलचर से कांग्रेस विधायक रहे गौतम रॉय.

इसी तरह महाराष्ट्र में भी कांग्रेस को झटका लगा है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल के बेटे सुजय विखे पाटिल भी 12 मार्च को भाजपा में शामिल हो गए. राधाकृष्ण विखे पाटिल महाराष्ट्र विधानसबा में विपक्ष के नेता भी हैं.

गुजरात में तीन महीने में पांच कांग्रेसी विधायक हुए पराए
मोदी शाह का गढ़ कहे जाने वाले गुजरात में भी कई कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी का दामन थाम लिया है. एक तरफ कांग्रेस गुजरात में हार्दिक पटेल को साथ लाकर लोकसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर करने के प्रयास में जुटी है, दूसरी तरफ पार्टी के नेता लगातार उनका साथ छोड़ रहे हैं.जामनगर के विधायक वल्लभ धारविया BJP में शामिल हो गए हैं. जनवरी से अब तक पांच कांग्रेस विधायक गुजरात में कांग्रेस का साथ छोड़ चुके हैं.

हाल ही में कर्नाटक कांग्रेस के नेता डॉ. उमेश जाधव BJP में शामिल हुए हैं. पिछले 10 दिनों में तेलंगाना के 19 कांग्रेस विधायकों में से चार TRS में जा चुके हैं.

सोनिया टीम के मेंबर छोड़ रहे साथ
इतने नेताओं के जाने के बाद सवाल ये उठने लगा है कि कांग्रेस में प्रियंका गांधी आई लेकिन भगदड़ वो भी नहीं रोक पाई. इस भागम भाग के पीछे दो वजहें हैं हो सकती हैं. या तो कांग्रेस नेताओं को लगने लगा है कि इस बार भी कांग्रेस से चुनाव लड़कर कोई फायदा नहीं होने वाला या फिर ये कि इन नेताओं को राहुल गांधी के नेतृत्व में उतनी तरजीह नहीं मिल रही थी जितनी सोनिया गांधी के नेतृत्व में. हाल फिलहाल में कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं में ऐसे कई नेता भी शामिल हैं जो सोनिया गांधी की टीम का हिस्सा थे.

कांग्रेस बीजेपी के सामने खुद को विकल्प बताकर चुनावी लड़ाई लड़ रही है, लेकिन हर राज्य में हालात अलग अलग हैं. पश्चिम बंगाल में कांग्रेस अपना जनाधार बचाने के लिए पहले ही जूझ रही है. और बीजेपी यहां टीएमसी के मुकाबले में मुख्य विपक्षी पार्टी बनकर उभरी है. पश्चिम बंगाल में बीजेपी में लक्ष्य 22 सीट जीतने का है.

बंगाल में मुश्किलें बरकरार
अपने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बीजेपी रणनीतिकारों ने ममता बनर्जी के खेमे में तो सेंधमारी की ही है साथ ही कांग्रेस के उन नेताओं को भी अपनी पार्टी में शामिल किया है जिन्हें पश्चिम बंगाल की राजनीति का अनुभव है और वहां की समझ भी. पश्चिम बंगाल कांग्रेस के कई नेता अबतक बीजेपी में शामिल हो चुके हैं. इनमें 12 मार्च को बागदा से कांग्रेस विधायक दुलाल बर BJP में शामिल हुए.

मुकुल राय ने दावा किया कि आने वाले दिनों में कई और नेता BJP में शामिल होंगे. 

कांग्रेस नेता दीपा दासमुंशी के भी BJP में शामिल होने की चर्चा चल रही है. हालांकि दीपा इन अटकलों का खंडन कर चुकी हैं. बताया जाता है कि रायगंज लोकसभा सीट CPM को मिलने से दीपा काफ़ी नाराज़ हैं.

2019 की लड़ाई कांग्रेस के लिए बहुत अहम है. इस लड़ाई को जीतने के लिए राहुल गांधी ने पूरी ताकत झोंक दी है. कांग्रेस को और मज़बूत बनाने के लिए उनकी बहन प्रियंका गांधी भी सक्रिय राजनीति में कूद गई हैं. लेकिन बीजेपी की फसल उजाड़ने की लड़ाई में कूदी कांग्रेस अपने ही खेत की बाड़बंदी नहीं कर पा रही है. उसके बड़े नेता लगातार पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो रहे हैं जिससे संदेश ये जा रहा है कि कांग्रेस में सबकुछ ठीक नहीं है.