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9 साल की नाराजगी के बाद जगनमोहन रेड्डी ने कांग्रेस को इस वजह से दी माफी

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कांग्रेस पार्टी, जिसने एक समय वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख वाईएस जगनमोहन रेड्डी के रातों की नींद हराम कर दी थी, आज कांग्रेस का हाथ थामने को तैयार हो गए हैं. जगनमोहन रेड्डी ने इस बात की घोषणा करने के दौरान कहा कि लंबे इंतजार के बाद मैंने राज्य की सबसे पुरानी पार्टी को माफ कर दिया है. उम्मीद की जा रही है कि वाईएसआरसीपी प्रमुख अपने माता-पिता के संगठन के साथ अपने संबंधों को एक बार फिर पुनर्जीवित करते हुए चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन में जुड़ सकते हैं.

रेड्डी कभी बैंगलुरु के एक सफल व्यवसायी थे, जिनकी राजनीति में गहरी दिलचस्पी हुआ करती थी. साल 2009 में जगनमोहन रेड्डी के पिता और आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम वाईएस राजशेखर रेड्डी को कांग्रेस आलाकमान ने चुनावी मैदान में उतारने का मन बनाया. पार्टी ने उन्हें कडप्पा से टिकट दिया और रेड्डी साल 2009 के आम चुनावों के बाद पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए. हालांकि 2009 में जगमोहन के पिता की मौत हो गई. पिता की मृत्यु के साथ ही उसके लिए हालात बिगड़ गए.

सितंबर 2009 में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में वाई एस राजशेखर रेड्डी की मृत्यु हो गई और कांग्रेस ने दिवंगत मुख्यमंत्री के उत्तराधिकारी के तौर पर के रोसैया को चुना. यह शीर्ष पद था जो कांग्रेस और जगनमोहन रेड्डी के बीच विवाद का कारण बन गया. उन्होंने अपने पिता की मृत्यु के बाद मुख्यमंत्री पद की पैरवी की थी और जब उनसे कांग्रेस के नेता मिलने को तैयार नहीं हुए तो उन्होंने खुद ही कांग्रेस से दूरी बना ली.
इसके बाद रेड्डी ने 2011 में कांग्रेस का साथ छोड़ दिया. उनकी मां वाई विजयलक्ष्मी ने भी पुलिवेंदुला विधायक पद से इस्तीफा दे दिया. YSRCP संस्थापक ने 2011 के उपचुनाव में कडप्पा से पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़ा और रिकॉर्ड 5.45 लाख बहुमत के साथ जीत हासिल की.

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बाद में उन्हें कथित रूप से आय से अधिक संपत्ति के मामलों में गिरफ्तार कर लिया गया और जेल में डाल दिया गया. इसने वाईएसआरसीपी और कांग्रेस के बीच की खाई को और चौड़ा कर दिया. रेड्डी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा जांच किए गए मामलों में 16 महीने जेल में बिताए. हालांकि, सितंबर 2013 में जेल से रिहा होने के बाद, जगन ने पार्टी को मजबूत किया. 2014 के चुनावों में, वाईएसआरसीपी ने 175 सदस्यीय विधानसभा में 67 सीटें हासिल कीं. वाईएसआरसीपी ने आठ लोकसभा सीटें भी जीतीं.

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कांग्रेस को माफ करके, वाईएसआरसीपी प्रमुख स्पष्ट रूप से अपने विकल्प खुले रखना चाहते हैं. उनकी टिप्पणी भी महत्वपूर्ण है क्योंकि तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के प्रमुख और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, जिनके साथ उनकी सत्ता की लड़ाई चल रही है कांग्रेस के साथ मिलकर भाजपा विरोधी मोर्चे पर काम कर रहे हैं.

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