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चुनाव प्रचार में लिंगभेदी वीडियो इस्तेमाल कर घिरे केरल कांग्रेस के नेता सुधाकरन

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चुनाव प्रचार में लिंगभेदी वीडियो इस्तेमाल कर घिरे केरल कांग्रेस के नेता सुधाकरन
सुधाकरन के प्रचार अभियान के तहत जारी वीडियो में महिलाओं का अपमान किया गया है.


Updated: April 17, 2019, 7:36 PM IST

केरल कांग्रेस के नेता के. सुधाकरन ने लोकसभा चुनाव 2019 में माकपा की पीके श्रीमति पर निशाना साधने के लिए बेहद शर्मनाक वीडियो जारी किया है. इस लिंगभेदी वीडियो के जरिये वह पीके श्रीमति के साथ ही सभी महिलाओं का अपमान कर गए. हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने महिलाओं का अपमान किया हो. केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन पर हमला करते हुए सुधाकरन ने उन्हें 'महिलाओं से बदतर' कह डाला था. साथ ही कहा कि अगर आपके साथ सबसे बुरा कुछ हो सकता है तो महिला होना है. दशकों से समाज में 'लड़की जैसा' या 'औरत जेसा' को अपशब्द के तौर पर इस्तेमाल किया जाता रहा है.

सियासत में लिंगभेद की बुराई तेजी से फैल रही है. इसमें सुधाकरन ने सारी हदें पार कर दीं. उनके प्रचार वीडियो में महिला नेताओं को नीचा दिखाने की कोशिश की गई है. साथ ही जोर दिया गया है कि केरल को पुरुष प्रत्याशी के ही पक्ष में मतदान करना चाहिए. वह पहले भी महिलाओं को लेकर भद्दी टिप्पणियां करते रहे हैं. सूर्यानेल्ली मानव तस्करी मामले में उन्होंने 'वैश्या' जैसी टिप्पणी कर डाली थी. इस बार उनका वीडियो देखकर लग रहा है कि वह खुद को ही पीछे छोड़ देना चाहते हैं.

उनका वीडियो देखते समय ध्यान रखें कि यह 2019 है और महिलाओं को मतदान का अधिकार है. यही नहीं चुनावी समर में कई महिला प्रत्याशी भी कमर कसकर खड़ी हैं. सुधाकरन को यह सब अकल्पनीय और अनुचित लगता है. ध्यान रहे कि सुधाकरन भी महिला मतदाताओं के साथ तस्वीरें खिंचवाने में पीछे नहीं रहते हैं. जारी किए गए वीडियो में एक व्यक्ति अपने दोस्त को बता रहा है कि उसका बेटा संपत्ति में अपना हिस्सा मांग रहा है. इसी दौरान उसकी बेटी दो कप चाय लाती है. इस पर उसका बेटा अपनी बहन को कहता है कि वह एक भी काम ढंग से नहीं कर पाती.

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इसके बाद वह आदमी अपने दोस्त से कहता है कि उसकी बेटी अपनी बात भी सही तरीके से नहीं रख पाती है. वह कहता है कि 'बेटियों को पढ़ाना बेकार है.' उसका दोस्त सहमति जताते हुए कहता है कि बेटे ही बड़ी भूमिकाओं के लिए ठीक रहते हैं. साथ ही कहता है कि पुरुष ही अपने लक्ष्य को हासिल करने में सक्षम होते हैं. इस वीडियो में सबसे खतरनाक बात है कि बेटी विरोध करने के बजाय सिर्फ मुस्करा देती है. वह अपना पक्ष रखने के लिए एक भी शब्द नहीं कहती. दरअसल, हमारे समाज में आदर्श महिला की छवि कुछ ऐसी ही बना दी गई है.

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सुधाकरन का यह विज्ञापन स्पष्ट रूप से उनकी प्रतिद्वंद्वी पीके श्रीमति पर सीधा हमला है. वीडियो के जरिये वह लोगों को बताना चाहते हैं कि किसी महिला को संसद भेजना बड़ी भूल होगी. एक पुरुष ही अपने काम को बेहतर तरीके से कर सकता है. वीडियो की देश भर में आलोचना हो रही है. हजारों लोग वीडियो को डिस्लाइक कर चुके हैं. वहीं कुछ लोगों ने वीडियो को हटाने की मांग भी की है. साधारण शब्दों में कहा जाए तो सुधाकरन के मुताबिक राजनीति में महिलाओं के लिए कोई जगह नहीं है. काश कोई उन्हें याद दिलाए कि उनकी पार्टी की सबसे बड़ी नेता संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी महिला ही हैं.

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