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कारगिल के शहीद जवान और अफसरों से यह है नए Air Force चीफ के गांव का रिश्ता

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कारगिल के शहीद जवान और अफसरों से यह है नए Air Force चीफ के गांव का रिश्ता
एयर मार्शल आरकेएस भदौरिया को जनवरी 2018 में परम विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया जा चुका है. (File Photo)

एयर चीफ भदौरिया मूल रूप से आगरा (Agra) में बाह तहसील के एक गांव के रहने वाले हैं. जानकारों की मानें तो उनका गांव ही नहीं पूरी बाह तहसील फौजी जवान और अफसरों से भरी हुई है. बाह में उनके गांव का नाम कोरथ है.

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नई दिल्ली. एयर फोर्स चीफ (Air Force Chief) बीएस धनोआ रिटायर हो रहे हैं. उनकी जगह एयर वाइस मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया (RKS Bhadauria) को एयर फोर्स का नया चीफ बनाया गया है. इसी साल मई में ही उन्हें प्रमोशन देकर वाइस एयर चीफ मार्शल बनाया गया था. एयर चीफ भदौरिया मूल रूप से आगरा (Agra) में बाह तहसील के एक गांव के रहने वाले हैं.

जानकारों की मानें तो एयर चीफ का गांव ही नहीं पूरी बाह तहसील फौजी जवान और अफसरों से भरी हुई है. बाह में उनके गांव का नाम कोरथ है. कोरथ, रूदमुली और सिमरई गांव तो ऐसे हैं जिसके हर घर से एक या दो युवक सेना की किसी न किसी विंग में अपने जौहर दिखा रहे हैं.

बाह के 70 जवान और अफसरों ने लड़ी थी कारगिल की जंग

सूबेदार मेजर रिटायर ओमप्रकाश शर्मा बताते हैं, “वैसे तो कारगिल की जंग में देश के हर एक हिस्से से किसी न किसी जवान या अफसर ने दुश्मन का सीधे सामने किया था. लेकिन एयर फोर्स चीफ आरकेएस भदौरिया के गांव की तहसील बाह से करीब 70 लोगों ने कारगिल की जंग में हिस्सा लिया था. खास बात यह है कि एयर चीफ भदौरिया के गांव कोरथ के रहने वाले नायब सूबेदार लायक सिंह कारगिल जंग में शहीद हुए थे. इसके अलावा बाह तहसील के कुछ जवान घायल भी हुए थे.”

राफेल विमान की डील में भी नए चीफ का अहम रोल रहा है. (File Photo)

विश्व युद्ध ही नहीं चीन-पाक से भी लड़ी है जंग

ओमप्रकाश शर्मा का कहना है, “बाह तहसील से फौज या पैरामिलिट्री फोर्स में जाने की रवायत कोई 10-20 साल से शुरु नहीं हुई है. बाह के युवाओं में फौज का आर्कषण तो कई पीढ़ियों से चला आ रहा है. अगर आप बाह तहसील में घूमने निकल जाएं तो यहां के किसी न किसी घर में आपको विश्व युद्ध लड़ चुके किसी जवान के वीरता मेडल तक देखने को मिल जाएंगे. वहीं चीन और पाकिस्तान से जंग लड़ने वालों की कहानियां तो बाह तहसील के घर-घर में सुनाई जाती हैं.”

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3 आतंकी मारकर शहीद हुआ इन्द्रजीत तो भाई ने 4 मारकर लिया बदला

बाह तहसील का ही एक गांव है सिमरई. इस गांव का इन्द्रजीत सेना में था. मई 2010 में उसकी पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में थी. उसी दौरान एक ऑपरेशन के दौरान 3 आतंकियों को मौत की नींद सुलाने के बाद इन्द्रजीत शहीद हो गया. इन्द्रजीत का भाई जयवीर भी फौज में था और उसकी पोस्टिंग भी कश्मीर में ही थी. इसके बाद एक अन्य ऑपरेशन में भाई जयवीर पुंछ में 4 आतंकियों को ढेर कर शहीद हो गया था.

नए एयर चीफ के गांव की तहसील के बहुत सारे जवान और अफसर कारगिल की लड़ाई भी लड़ चुके हैं. (File Photo)

26 तरह के फाइटर एयरक्रॉफ्ट उड़ा चुके हैं एयर चीफ  

जानकारों की मानें तो नए एयर फोर्स चीफ आरकेएस भदौरिया को 1080 में एयर फोर्स में कमीशन मिला था. तब से लेकर आजतक नए चीफ 4250 घंटे 26 तरह के एयरक्रॉफ्ट उड़ा चुके हैं. इतना ही नहीं राफेल की डील में भी उनका अहम रोल था. वहीं वह राफेल भी उड़ा चुके हैं. आरकेएस भदौरिया सोर्ड ऑफ ऑनर से भी सम्मानित हो चुके हैं.

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First published: October 1, 2019, 8:21 AM IST

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