IMF ने बताया भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ क्यों उम्मीद से काफी कमजोर है? - AcchiNews.com अच्छी न्यूज़ डॉट कॉम

AcchiNews.Com अच्छी न्यूज़ डॉट कॉम is Hindi Motivational Inspirational quotes site here you can find all positive khabar in hindi.

Earn Money

IMF ने बताया भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ क्यों उम्मीद से काफी कमजोर है?

Mi सेल लगी मात्र 1 रुपये में कई प्रोडक्ट आपके हो सकते हैं अभी अप्लाई करो www.saleoffer.online Or पाइये paytm 1000 रुपये रिचार्ज आफर https://ift.tt/2OqCzSo
IMF ने बताया भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ क्यों उम्मीद से काफी कमजोर है?
भारत की आर्थिक वृद्धि दर अनुमान से अधिक कमजोर
पीटीआई
Updated: September 13, 2019, 11:15 AM IST
वॉशिंगटन. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने कहा कि कॉर्पोरेट व पर्यावरणीय नियामक (Corporate and Environmental Regulatory) की अनिश्चितता और कुछ गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (Non-Bank Financial Companies)की कमजोरियों के कारण भारत (India) की आर्थिक वृद्धि (Economic Growth) उम्मीद से ‘काफी कमजोर’ है. IMF ने साल 2019-2020 के लिए भारत के आर्थिक विकास दर को 0.3 फीसदी कम कर दिया है.

IMF ने हालांकि कहा कि इसके बावजूद भारत चीन से बहुत आगे और विश्व की सबसे तेजी से विकास करने वाली बड़ी अर्थव्यस्था बना रहेगा.

भारत की आर्थिक वृद्धि दर क्यों है उम्मीद से कम?
IMF प्रवक्ता गेरी राइस ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, हम नए आंकड़े पेश करेंगे लेकिन खासकर कॉर्पोरेट व पर्यावरणीय नियामक की अनिश्चितता एवं कुछ गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की कमजोरियों के कारण भारत में हालिया आर्थिक वृद्धि उम्मीद से काफी कमजोर है.

ये भी पढ़ें: Aadhaar में नाम, पता और जन्म तिथि बदलने के लिए चाहिये ये डाक्यूमेंट्स, UIDAI ने जारी की लिस्ट

आर्थिक विकास दर घटाया
IMF ने साल 2019-2020 के लिए भारत के आर्थिक विकास दर को 0.3 फीसदी कम कर दिया है. इसकी वजह घरेलू मांग में कमी बताई है. आईएमएफ की रिपोर्ट में वित्तीय साल 2021 के लिए विकास दर 7.5 फीसदी आंकी गई थी लेकिन अब इसे 7.2 फीसदी तक बताई जा रही है.

Loading...


डिजिटल अर्थव्यवस्था का अराजक विस्तार और आर्थिक मंदी
भारत सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक मैन्युफैक्चरिंग और कृषि के क्षेत्र में गिरावट के चलते आर्थिक विकास दर में गिरावट आई है. गौरतलब है कि साल 2012-2013 में भी भारत की विकास दर 4.9 फीसदी थी.

ट्रेड वॉर ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को कमजोर किया
गेरी राईस ने कहा, अमेरिका-चीन के बीच ट्रेड वॉर ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को झटका दिया है. इससे वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि में अगले वर्ष 0.8% घटने की आशंका है. पिछले एक दशक के वित्तीय संकट के दौरान दुनिया भर में विनिर्माण स्तर पर पहले से ही मंदी का दौर जारी है. उन्होंने कहा, हमने विनिर्माण क्षेत्र में कमजोरी दर्ज की है. इस प्रकार की स्थिति वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान भी नहीं देखी गई थी.

ये भी पढ़ें: मोदी सरकार को 'मंदी' से बचने के लिए मनमोहन सिंह ने दीं ये 5 सलाह

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 13, 2019, 11:15 AM IST

Loading...