हरियाणा की वह सीट, जहां 1996 से जीत रहा निर्दलीय चेहरा,अग्निवेश भी रहे हैं MLA - AcchiNews.com अच्छी न्यूज़ डॉट कॉम

AcchiNews.Com अच्छी न्यूज़ डॉट कॉम is Hindi Motivational Inspirational quotes site here you can find all positive khabar in hindi.

Earn Money

हरियाणा की वह सीट, जहां 1996 से जीत रहा निर्दलीय चेहरा,अग्निवेश भी रहे हैं MLA

Mi सेल लगी मात्र 1 रुपये में कई प्रोडक्ट आपके हो सकते हैं अभी अप्लाई करो www.saleoffer.online Or पाइये paytm 1000 रुपये रिचार्ज आफर https://ift.tt/2OqCzSo
हरियाणा की वह सीट, जहां 23 साल से जीत रहा केवल निर्दलीय प्रत्याशी, अग्निवेश भी रहे हैं यहां से MLA
पुंडरी सीट पर हुए अब तक के 13 चुनावों में 7 बार निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है. प्रतीकात्मक फोटो

पुंडरी सीट (Pundri assembly election) पर निर्दलीय उम्मीदवार राजेंद्र सिंह गोलेन ने कांग्रेस के सतबीर भाना को 12824 वोटों के अंतर से हराया. राजेंद्र सिंह को 40751 वोट मिले तो कांग्रेस के सतबीर भाना को 28088 वोट मिले. 2014 के चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार दिनेश कौशिक ने 4832 वोटों के अंतर से बीजेपी के रणधीर सिंह गोलेन को हराया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 25, 2019, 6:41 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. हरियाणा (Haryana assembly elections) का जनादेश आ चुका है. किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है. बीजेपी (BJP) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन सरकार बनाने लायक नंबर फिलहाल उसके पास नहीं हैं. कांग्रेस ने चौंकाते हुए अच्छा प्रदर्शन किया है. कई सीटें ऐसी हैं जहां बीजेपी और कांग्रेस (Congress) ने एक दूसरे के गढ़ में सेंध लगाई है. लेकिन इन सबके बीच हरियाणा में पुंडरी सीट (Pundri assembly election) ऐसी है, जिसे निर्दलीय उम्मीदवार ही भाते हैं. पिछले 23 सालों से लगातार यहां पर कोई निर्दलीय उम्मीदवार ही चुनाव जीत रहा है. 1996 से शुरू हुआ इस जीत का सिलसिला अब तक चल रहा है.

इस बार के चुनाव में पुंडरी सीट (Pundri assembly election) पर निर्दलीय उम्मीदवार राजेंद्र सिंह गोलेन ने कांग्रेस के सतबीर भाना को 12824 वोटों के अंतर से हराया. राजेंद्र सिंह को 40751 वोट मिले तो कांग्रेस के सतबीर भाना को 28088 वोट मिले. 2014 के चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार दिनेश कौशिक ने 4832 वोटों के अंतर से बीजेपी के रणधीर सिंह गोलेन को हराया था.

ज्यादातर जीतता है नया उम्मीदवार
आमतौर पर मतदाता उस उम्मीदवार को जिताना चाहते हैं, जिसकी सरकार राज्य में बने, लेकिन हरियाणा की पुंडरी सीट अनोखी सीट है, जो लगातार किसी न किसी निर्दलीय उम्मीदवार को ही जिता रही है. ये भी संयोग है कि ज्यादातर यहां से नया चेहरा ही निर्दलीय के रूप में जीतता है. केवल दिनेश कौशिक ऐसे उम्मीदवार रहे हैं जो यहां से दो बार चुनाव जीते हैं.

1991 में कांग्रेस के उम्मीदवार ईश्वर आखिरी शख्स थे जो इस सीट से किसी बड़ी पार्टी के टिकट पर जीते थे, उसके बाद से लेकर 2019 विधानसभा चुनाव तक इस सीट से कोई भी बड़ी पार्टी का उम्मीदवार नहीं जीता है. दिनेश कौशिक ने बतौर निर्दलीय उम्मीदवार इस सीट से 2005 और 2014 में चुनाव जीता था.

स्वामी अग्निवेश 1977 में बने थे विधायक
बता दें कि स्वामी अग्निवेश इसी सीट से एकमात्र बार जीतकर विधायक बने थे. 1977 में जेएनपी के टिकट पर वह विधायक बने थे. तब उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार अंतराम को हराया था. इसके बाद वह हरियाणा सरकार में शिक्षामंत्री भी बने. उसी दौरान उन्होंने लेबर लिब्रेशन फ्रंट का गठन किया था.

Loading...


यह भी पढ़ें

महाराष्ट्र में बाल ठाकरे का विकल्प कहे जाने वाले राज ठाकरे का जादू आखिर क्यों पड़ा फीका

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए चंडीगढ़ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 25, 2019, 6:39 AM IST

Loading...