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जल्द इन 2 सरकारी कंपनियों को बंद करने की तैयारी में है मोदी सरकार!

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जल्द इन 2 सरकारी कंपनियों को बंद करने की तैयारी में है मोदी सरकार! जानिए कौनसी हैं ये कंपनियां?
74 हजार करोड़ रुपये के रिवाइवल पैकेज का प्रस्ताव दिया था DOT ने

नकदी संकट से जूझ रही दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) (BSNL) और महानगर टेलिफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) (MTNL) को वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) ने बंद करने की सलाह दी है.

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  • Last Updated: October 10, 2019, 11:02 AM IST
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नई दिल्ली. नकदी संकट से जूझ रही दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) (BSNL) और महानगर टेलिफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) (MTNL) को वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) ने बंद करने की सलाह दी है. डिपार्टमेंट ऑफ टेली कम्युनिकेशंस (डीओटी) ने बीएसएनएल और एमटीएनएल को फिर से पटरी पर लाने के लिए 74 हजार करोड़ रुपये के रिवाइवल पैकेज का प्रस्ताव दिया था, जिसे वित्त मंत्री ने ठुकरा दिया. बता दें कि बीएसएनएल पर 14 हजार करोड़ की देनदारी है और वित्त वर्ष 2017-18 में BSNL  ko 31,287 करोड़ का नुकसान हुआ था. कंपनी में फिलहाल 1.76 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं. वीआरएस देने से कर्मचारियों की संख्या अगले 5 सालों में 75 हजार रह जाएगी.

फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दूरसंचार मंत्रालय ने कहा है कि इन दोनों सरकारी टेलिकॉम कंपनियों को बंद करने से सरकार को करीब 95 हजार करोड़ रुपये खर्च करने पड़ेंगे. पैकेज में कर्मियों की रिटायरमेंट होने वाली उम्र को 60 साल से घटाकर के 58 साल करने के लिए कहा गया था. इसके साथ ही बीएसएनएल के 1.65 लाख कर्मचारियों को आकर्षक वीआरएस पैकेज देने के लिए भी कहा गया था.

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वित्त मंत्रालय के अनुसार, बीएसएनएल और एमटीएनएल को बंद करने की योजना इसलिए बनायी गई है क्योंकि अभी टेलीकॉम इंडस्ट्री में आर्थिक संकट छाया हुआ है. इसलिए संभावना है कि कोई कंपनी शायद ही सरकारी कंपनियों में निवेश करने पर विचार करे. इस संदर्भ में सितंबर में भी पीएमओ में बैठक हुई थी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मामले पर जल्द निर्णय लेने का निर्देश दिया गया था. मामले के लिए सचिवों की एक कमेटी का गठन भी किया गया था. कमेटी का काम था कि वो सुझाव दे कि बीएसएनएल और एमटीएनएल को पुनर्जीवित किया जा सकता है या नहीं.

MTNL में 22 हजार कर्मचारी करते हैं काम
एमटीएनएल में 22 हजार कर्मचारी हैं और कंपनी की 19 हजार करोड़ रुपये की उधारी है. कंपनी अपनी 90 फीसदी आय कर्मचारियों की सैलरी देने में खर्च करती है. अगले छह साल में कंपनी के करीब 16 हजार कर्मचारी रिटायर हो जाएंगे.

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First published: October 10, 2019, 11:02 AM IST

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