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इनकम टैक्स की ई-असेसमेंट स्कीम हुई शुरू, जानिए इससे जुड़ी 5 जरूरी बातें...

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इनकम टैक्स (Income Tax) विभाग का नोटिस आते ही अक्सर टैक्सपेयर्स (taxpayers) के हाथ-पैर फूल जाते हैं. उसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) के चक्कर लगाने पड़ते हैं. अब नए ई-असेसमेंट के जरिए किसी भी नोटिस या फिर कम्युनिकेशन के लिए आपको आयकर विभाग के दफ्तर के चक्कर काटने या अधिकारियों की जी-हजूरी नहीं करनी होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 8, 2019, 11:03 AM IST
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नई दिल्ली. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Deapartment) ने बिना सीधे संपर्क वाली ई-असेसमेंट स्कीम (E Assessment  Scheme) की शुरुआत कर दी है. इसे शुरू करने का मुख्य मकसद टैक्स अधिकारियों (Tax Department) के सामने आए बिना करदाताओं की परेशानियों को दूर करना है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) का कहना है कि नई पहल से असेसमेंट प्रक्रिया में कार्यक्षमता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी की भावनाएं बढ़ेंगी. करदाता और आयकर अधिकारी का किसी प्रकार से आमना-सामना नहीं होगा. आपको बता दें कि वित्त मंत्री सीतारमण ने अपने बजट भाषण में इस योजना को शुरू करने की घोषणा की थी. सीतारमण का कहना था कि अभी टैक्स असेसमेंट में करदाता और अधिकारी को आमने-सामने आने की जरूरत होती है.

आइए जानें इससे जुड़ी सभी बड़ी बातें...

(1) क्या है ई-असेसमेंट स्कीम (E Assessment  Scheme)-  अगर आसान शब्दों में कहा जाए तो अब हाजिरी लगाए और कागज पर जोड़-घटाव किए बिना टैक्स असेसमेंट किया जाएगा. सारा संवाद इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से होगा और करदाता या उसके प्रतिनिधि को खुद हाजिरी लगाने की जरूरत नहीं होगी. रिफंड जैसी कोई भी प्रक्रिया करदाता और आयकर अधिकारी के बीच बिना मुलाकात के पूरी होगी.

आपको बात दें कि सरकार ने  विजय दशमी के दिन से Faceless E-Assesment योजना की शुरुआत कर दी है. इस योजना के तहत अगर इनकम टैक्स विभाग (Income Tax Department) को आपके बारे में कुछ भी जानकारी हासिल करनी है तो वह कागजी कार्रवाई न करके आपके साथ ऑनलाइन कम्युनिकेशन करेगा. और आपको भी ऑनलाइन ही अपनी बात उनके सामने रखनी होगी. यह योजना प्रधानमंत्री के उस विजन का हिस्सा है जिसमें करदाता को सुविधा देना प्रमुख है.

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Income Tax Department starts faceless e-Assessment scheme Know Everything in Hindi

(2) ई-असेसमेंट कैसे काम करेगा- नए सिस्टम में करदाता अपने आधिकारिक ईमेल और आयकर विभाग के पोर्टल, https://ift.tt/1dxxFKf पर अपने रजिस्टर्ड अकाउंट में ही नोटिस प्राप्त करेगा. जो करदाता पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा लेते हैं, उन्हें एसएमएस एलर्ट भी प्राप्त होगा.

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इस संवाद के लिए एक DIN (Documentation Identification Number ) होगा, जिसमें प्रत्येक असेसमेंट की पूरी जानकारी रखी जाएगी. नई स्कीम के तहत करदाताओं को नोटिस भेजने के लिए एक नेशनल ई-असेसमेंट सेंटर का गठन किया जाएगा. ये सेंटर प्रत्येक करदाता को उनके असेसमेंट से जुड़े विशिष्ट मुद्दों पर नोटिस भेजेगा.

(3) ऑनलाइन होगा कम्युनिकेशन- टैक्स विभाग खुद आपके रजिस्टर्ड ईमेल या फोन पर संपर्क करेगा और आपको उसी पर जवाब देना होगा. ये योजना पूरे देश में लागू हो गई है.नेशनल ई असेसमेंट सेंटर (National e-Assessment Center) एक सिंगल एजेंसी होगी जो करदाता (taxpayer) से संपर्क रखने में नोडल एजेंसी के तौर पर काम करेगी.

इसके लिए टैक्स विभाग (IT department) ने 2600 से ज्यादा ऑफिसर्स काम पर लगाया है. ज़ोर इस बात पर होगा कि अफसर और करदाता को एक-दूसरे से मिलने की ज़रुरत ही न हो. इससे टैक्स विभाग के काम में पारदर्शिता बढ़ेगी.

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Income Tax Department starts faceless e-Assessment scheme Know Everything in Hindi

(4) टैक्सपेयर्स अब नोटिस का जवाब कैसे देगा- टैक्सपेयर्स को नोटिस पाने के 15 दिनों के भीतर आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर पंजीकृत अपने अकाउंट से इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से जवाब देना होगा.इसके बाद ई-असेसमेंट सेंटर हर मामले को ऑटोमेटेड सिस्टम के जरिये अपने अधिकारी को सौंपेगा.

(5) टैक्स अधिकारी तो अब भी शामिल है. फिर नया सिस्टम बेहतर कैसे? सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन में बताया गया है कि “automated allocation system” के जरिये आयकर अधिकारी तय किया जाएगा. ये प्रणाली artificial intelligence-operated algorithm के अनुसार काम करती है. अगर आसान शब्दों में समझें तो मतलब साफ है कि एक शहर के करदाता का आंकलन किसी दूसरे शहर का अधिकारी करेगा.

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First published: October 8, 2019, 10:25 AM IST

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