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सुप्रीम कोर्ट ने कहा-उन आदेशों को पेश करें, जिस आधार पर कश्मीर में बैन लगाया

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सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन से कहा-उन आदेशों को पेश करें, जिस आधार पर कश्मीर में प्रतिबंध लगाए
5 अगस्त के बाद से कश्मीर (Jammu and Kashmir) में हालात नियंत्रण में रखने के लिए सरकार ने कुछ प्रतिबंध लगाए हैं. PHOTO:AP

सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने इस मामले में सुनवाई करते हुए जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) प्रशासन से कहा है कि राज्य में संचार प्रतिबंध (Communication restriction) लगाने के लिए अधिकारियों द्वारा जारी किए गए आदेशों को उनके सामने पेश करे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 16, 2019, 12:59 PM IST
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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट (supreme court) ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन (Jammu and Kashmir)से बुधवार को कहा कि वह उन आदेशों को पेश करे जिनके आधार पर राज्य में संचार व्यवस्था (communication restriction) पर प्रतिबंध लगाए गए. जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 (article 370) के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त करने के बाद राज्य में ये प्रतिबंध लगाए गए थे. जम्मू-कश्मीर में आवाजाही पर प्रतिबंध और संचार बाधित होने के मामले संबंधी याचिका पर सुनवाई कर रही शीर्ष कोर्ट ने राज्य प्रशासन से सवाल किया कि उसने संचार व्यवस्था पर प्रतिबंध लगाने संबंधी आदेश एवं अधिसूचनाएं उसके सामने पेश क्यों नहीं कीं.

जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति एन वी रमण की अध्यक्षता वाली पीठ से कहा कि वह इन प्रतिबंधों से संबंधित प्रशासनिक आदेश केवल पीठ के अध्ययन के लिए शीर्ष अदालत में पेश करेंगे। पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति बी आर गवई शामिल हैं. मेहता ने पीठ ने कहा, ‘हम उन्हें उच्चतम न्यायालय के सामने पेश करेंगे. राष्ट्रहित में लिए गए प्रशासनिक फैसलों की अपील पर कोई नहीं बैठ सकता. केवल न्यायालय ही इसे देख सकती है और याचिकाकर्ता निश्चित ही इसे नहीं देख सकते.’

कश्मीर के मुकाबले जम्मू में हालात सामान्य हैं और बाजार नियमित रूप से खुल रहे हैं. फोटो : एपी

मेहता ने पीठ को बताया कि जम्मू-कश्मीर में संचार पर लगाए गए प्रतिबंधों संबंधी परिस्थितियों में बदलाव आया है और वह इस मामले में ताजा जानकारी देते हुए एक शपथपत्र दायर करेंगे.

पीठ ने जब घाटी में मोबाइल सेवाएं बहाल होने की मीडिया रिपोर्टों का जिक्र किया तो एक याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि केवल पोस्टपेड मोबाइल चल रहे हैं लेकिन प्राधिकारियों ने मंगलवार को एसएमएस सेवाएं रोक दी थीं.

बता दें कि 5 अगस्त को जब सरकार ने जम्मू कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा खत्म किया था तो किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए राज्य में कुछ प्रतिबंध लगा दिए गए थे. इनमें संचार के साधन भी थे. इनमें मोबाइल, फोन और इंटरनेट पर भी रोक लगाई गई थी. इसमें अब टेलिफोन और मोबाइल पोस्ट पेड सुविधाएं शुरू हो गई हैं. लेकिन प्रीपेड और इंटरनेट पर रोक अब भी लगी हुई है.

एसएमएस सेवा फिर से हुई बंद

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एसएमएस सेवा 14 अक्टूबर से शुरू हुई थी, लेकिन उस पर 15 अक्टूबर को फिर से प्रतिबंध लगा दिया गया. प्रशासन ने अभी ये नहीं बताया है कि इंटरनेट पर प्रतिबंध कब खत्म होगा. हालांकि सूत्रों के अनुसार, इंटरनेट पर प्रतिबंध अगले महीने से हटा लिया जाएगा.

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First published: October 16, 2019, 12:33 PM IST

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