UP 2022ः पिछड़े वर्ग के जरिए सत्ता में आने का सपना देख रही है कांग्रेस - AcchiNews.com अच्छी न्यूज़ डॉट कॉम

AcchiNews.Com अच्छी न्यूज़ डॉट कॉम is Hindi Motivational Inspirational quotes site here you can find all positive khabar in hindi.

Earn Money

UP 2022ः पिछड़े वर्ग के जरिए सत्ता में आने का सपना देख रही है कांग्रेस

Mi सेल लगी मात्र 1 रुपये में कई प्रोडक्ट आपके हो सकते हैं अभी अप्लाई करो www.saleoffer.online Or पाइये paytm 1000 रुपये रिचार्ज आफर https://ift.tt/2OqCzSo
UP 2022ः पिछड़े वर्ग के जरिए सत्ता में आने का सपना देख रही है कांग्रेस
अध्यक्ष समेत कुल 77 लोगों की नई कांग्रेस कमेटी में 45 फीसदी पिछड़े वर्ग के नेता हैं. (फाइल फोटो)

नई कांग्रेस (Congress) कमेटी में 45 फीसदी पिछड़े वर्ग के नेता, इनमें 20 प्रतिशत दलित नेताओं को रखा गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 8, 2019, 10:48 AM IST
  • Share this:
लखनऊ.वर्ष 2022 का साल उत्तर प्रदेश (Uttar pradesh) के लिए अहम रहेगा. विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) इसी साल होने हैं और कांग्रेस (Congress) के लिए ये जितना महत्वपूर्ण है, उसी पैनी निगाह से पार्टी इसे देख भी रही है. अब बात यूपी की हो और उसमें जातीय गणित साधने की बात न हो ऐसा कैस संभव है. कांग्रेस की नई टीम में भी उन जातियों का बोलबाला देखा जा सकता है, जिनके सहारे यूपी की राजनीतिक लड़ाई जीती जा सकती है. यानी अन्य पिछड़ा वर्ग, ओबीसी (OBC) और अन्य.

45 फीसदी पिछड़े नेता
अध्यक्ष समेत कुल 77 लोगों की नई कांग्रेस कमेटी में 45 फीसदी पिछड़े वर्ग के नेता हैं. यूपी में ओबीसी देश भर में सबसे ज्यादा संख्या में हैं, इसी को टारगेट करके मुलायम सिंह ने राज किया और उनके इसी किले में सेंध मारकर अब भाजपा राज कर रही है. लिहाजा कांग्रेस भी वैसी ही उम्मीद पाले हैं. ओबीसी के बाद 20 फीसदी दलित नेताओं को रखा गया है, उसके बाद 19 फीसदी सवर्ण और 16 फीसदी अल्पसंख्यक.

फोकस ओबीसी पर

हालांकि, कांग्रेस के नए अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू वैश्य जाती से आते हैं लेकिन कांग्रेस ने सबसे ज्यादा फोकस ओबीसी पर ही किया है. भाजपा ने इसी प्रयोग के सहारे यूपी में 25 साल बाद सत्ता में वापसी की. गौरतलब है कि भाजपा ने ओबीसी से आने वाल केशव प्रसाद मौर्य को डिप्टी सीएम बनाया है, इसके अलावा ओबीसी को लुभाने के लिए ही उसने बसपा के स्वामी प्रसाद मौर्य को अपने पाले में किया. और तो और सुहेलदेव समाजवादी पार्टी के ओमप्रकाश राजभर और अपना दल की अनुप्रिया पटेल को भी भाजपा ने अपनी पलकों पर बिठाये रखा. हालांकि, अब राजभर से 36 का आंकड़ा चल रहा है, भाजपा ने ब्राह्मण अध्यक्ष को हटाकर एक ओबीसी स्वतंत्र देव सिंह को प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाया, जाहिर है इसी ओबीसी समीकरण के सहारे मुलायम सिंह राजनीति के पहलवान बन गए. अब कांग्रेस इसी फॉर्मूले को आजमा कर सत्ता में आने के सपने देख रही है.

ये भी पढ़ेंः 'अगले 50 साल तक UP और केंद्र में रहेगी BJP सरकार, अखिलेश CM बनने का न देखें सपना'

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए लखनऊ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 8, 2019, 10:09 AM IST

Loading...