शरद पवार बोले- शिवसेना से कोई प्रस्ताव नहीं आया, उद्धव के साथ कोई बात नहीं की - AcchiNews.com अच्छी न्यूज़ डॉट कॉम

AcchiNews.Com अच्छी न्यूज़ डॉट कॉम is Hindi Motivational Inspirational quotes site here you can find all positive khabar in hindi.

Earn Money

शरद पवार बोले- शिवसेना से कोई प्रस्ताव नहीं आया, उद्धव के साथ कोई बात नहीं की

Mi सेल लगी मात्र 1 रुपये में कई प्रोडक्ट आपके हो सकते हैं अभी अप्लाई करो www.saleoffer.online Or पाइये paytm 1000 रुपये रिचार्ज आफर https://ift.tt/2OqCzSo
मुंबई. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष शरद पवार (Sharad Pawar) ने महाराष्ट्र (Maharashtra) में सरकार गठन को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए शुक्रवार को स्पष्ट किया कि न तो शिवसेना (Shiv Sena) की तरफ से सरकार बनाने के लिए उनके पास कोई प्रस्ताव आया है, न ही महाराष्ट्र में सरकार बनाने के संबंध में उनकी शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) से उनकी कोई बात हुई है.

शरद पवार ने भविष्यवाणी करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में सरकार गठन की उलझन आने वाले 10 दिनों में सुलझ जाएगी, जब भाजपा और शिवसेना सरकार बनाने के लिए साथ-साथ आ जाएंगे. उन्होंने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि यदि भाजपा इस गतिरोध का समाधान करना चाहती है तो उसे शिवसेना के साथ मुख्यमंत्री का पद साझा करना होगा.

ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री का पद मांग रही है शिवसेना
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में 288 सीटों में से 56 सीटें जीतने वाली शिवसेना ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री का पद और मंत्रिमंडल में आधा मंत्री पदों की मांग कर रही है. इन दोनों मांगों को भाजपा ने खारिज कर दिया है. पार्टी ने जोर देकर कहा है कि देवेंद्र फडणवीस अगले पांच वर्षों तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे.

अयोध्या मामले के फैसले से पहले बनाएं स्थिर सरकार
देवेंद्र फडणवीस को एक तरह का अल्टीमेटम देते हुए शरद पवार ने शुक्रवार को सरकार के गठन में देरी के खिलाफ चेतावनी दी. उन्होंने सीएनएन-न्यूज 18 से बात करते हुए कहा कि, “हम सभी जानते हैं कि अयोध्या मुद्दे पर पिछली बार मुंबई में क्या हुआ था? मुझे चिंता है कि अगर 9 नवंबर को अयोध्या के फैसले से पहले एक स्थिर सरकार नहीं बनती है तो यह समाज में शांति के हित में नहीं होगा. उन्हें (भाजपा और शिवसेना को) इन बचकाने खेलों को रोकना चाहिए और जल्द ही सरकार बनानी चाहिए.''

नरेंद्र मोदी और अमित शाह के साथ नहीं हुई कोई बातचीत

Loading...


पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ बातचीत की खबरों का भी पुरजोर तरीके से खंडन किया. पवार ने कहा कि उन्होंने हाल ही में कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी से बात की है, जिन्होंने उन्हें 4 नवंबर को विपक्षी दलों की बैठक के लिए दिल्ली आमंत्रित किया है.
शरद पवार (फाइल फोटो)
सतारा रैली के बारे में पहली बार बोले शरद पवार
इस बातचीत में शरद पवार ने प्रतिष्ठित सतारा रैली के बारे में पहली बार बात की, जो महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में एक महत्वपूर्ण मोड़ था. भारी बारिश में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पवार ने तब सताराकर (सतारा के निवासियों) से माफी मांगी थी. रैली की तस्वीरें और वीडियो बाद में वायरल हो गए थे.

भाजपा को शिवसेना से किए वादे का सम्मान करना चाहिए
सरकार गठन के इस गतिरोध के संबंध में राकांपा की रणनीति क्या होगी वाले सवाल के जवाब में शरद पवार ने कहा, “हमने विपक्ष में बैठने के लिए एक सचेत निर्णय लिया है. पवार ने कहा कि हम इंतजार कर रहे हैं कि भाजपा और शिवसेना सरकार बना लें.” जब शिवसेना और भाजपा के बीच बातचीत के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने पहले तय की गई बात का उल्लेख करते हुए अपना पक्ष रखा. शरद पवार ने कहा कि शिवसेना से 50-50 के फॉर्मूले का वादा किया गया है और भाजपा को इसका सम्मान करना चाहिए.

भाजपा के तर्क में दम है
“चुनाव के बाद शिवसेना की ओर से एक बयान आया था, इससे लगता है कि दोनों के बीच समझ थी. उन दोनों में मंत्रिमंडल में बराबर मंत्री पद के लिए सहमति थी, लेकिन तभी भाजपा ने कहा कि ऐसी कोई सहमति नहीं हुई थी. जो बात सार्वजनिक हुई है, उससे ऐसा लगता है जैसे भाजपा ने कहा था कि मंत्रिमंडल में मंत्री पदों की समान संख्या पर वह सहमत होगी. यह विधानसभा चुनाव से पहले की स्थिति थी. उस बयान से पता चलता है कि शिवसेना ने जो कहा है, उसमें कुछ सच्चाई है. भाजपा के तर्क के बारे में पूछे जाने पर कि 105 विधायकों वाली पार्टी 56 विधायकों वाली पार्टी के साथ मुख्यमंत्री की सीट साझा नहीं कर सकती है, पवार ने कहा, "अगर भाजपा 105 के साथ एक स्थिर सरकार बना सकती है, तो उनके तर्क में दम है."

रिपोर्ट - विनय देशपांडे

ये भी पढ़ें - 

कमलेश तिवारी के हत्यारोपियों को पिस्टल देने वाला कानपुर से गिरफ्तार