वृश्चिक संक्रांतिः आज ऐसे करें सूर्य देव की पूजा, जानें तिथि और शुभ मुहूर्त - AcchiNews.com अच्छी न्यूज़ डॉट कॉम

AcchiNews.Com अच्छी न्यूज़ डॉट कॉम is Hindi Motivational Inspirational quotes site here you can find all positive khabar in hindi.

Earn Money

वृश्चिक संक्रांतिः आज ऐसे करें सूर्य देव की पूजा, जानें तिथि और शुभ मुहूर्त

Mi सेल लगी मात्र 1 रुपये में कई प्रोडक्ट आपके हो सकते हैं अभी अप्लाई करो www.saleoffer.online Or पाइये paytm 1000 रुपये रिचार्ज आफर https://ift.tt/2OqCzSo
वृश्चिक संक्रांतिः आज ऐसे करें सूर्य देव की पूजा, जानें तिथि और शुभ मुहूर्त
वृश्चिक संक्रांति के विशिष्ट पूजन व उपाय से धन से जुडी समस्याओं का निदान होता है.

हिन्दू पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष में कुल 12 संक्रांति आती हैं और हर राशि में सूर्य एक महीने तक रहते है. सूर्य के इसी भ्रमण की स्थिति को संक्रांति कहा जाता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 17, 2019, 5:59 AM IST
  • Share this:
भगवान सूर्य जब एक राशि से दूसरी राशि में जाते हैं तो उसे संक्रांति कहा जाता है. सूर्य देव जब तुला राशि से वृश्चिक राशि में प्रवेश करते हैं तो उसे वृश्चिक संक्रांति कहा जाता है. हिन्दू पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष में कुल 12 संक्रांति आती हैं और हर राशि में सूर्य एक महीने तक रहते है. सूर्य के इसी भ्रमण की स्थिति को संक्रांति कहा जाता है. संक्रांति को बहुत ही पवित्र दिनों में से एक माना जाता है. इस बार 17 नवंबर को वृश्चिक संक्रांति हैं.

इसे भी पढ़ेंः हनुमान भक्त भूलकर भी घर पर न रखें भगवान की ऐसी तस्वीर, जानें कैसे होगा संकट दूर

वृश्चिक संक्रांति का शुभ मुहूर्त और तिथि-
17 नवंबर 2019- सूर्य का तुला से वृश्चिक राशि में गमन

वृश्चिक संक्रांति पुण्यकाल- सुबह 6:48 बजे से दोपहर 12:12 बजे तक
वृश्चिक संक्रांति महापुण्यकाल- सुबह 6:48 बजे से सुबह 8:36 बजे तक

वृश्चिक संक्रांति का महत्व

Loading...


गुरुवार को यह संक्रांति पड़ने से इसका महत्व और बढ़ गया है. यह संक्रांति धार्मिक व्यक्तियों, वित्तीय कर्मचारियों, छात्रों व शिक्षकों के लिए बहुत शुभ मानी जाती है. वृश्चिक संक्रांति के विशिष्ट पूजन व उपाय से धन से जुडी समस्याओं का निदान होता है और छात्रों को परीक्षा में सफलता मिलती है. इसके अलावा करियर में भी सफलता मिलती है.

संक्रांति के दिन दान-पुण्य
संक्रांति के दिन दान-पुण्य करना का बेहद खास महत्व माना जाता है. इसलिए बहुत से लोग इस दिन वस्तुएं और खान पान की चीजें गरीबों में दान करते है. वृश्चिक संक्रांति के दिन संक्रमण स्नान, विष्णु और दान का खास महत्व होता है. इस दिन श्राद्ध और पितृ तर्पण का भी खास महत्व होता है. वृश्चिक संक्रांति के दिन की 16 घड़ियों को बहुत शुभ माना जाता है. इस दौरान दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. यह दान संक्रांति काल में करना अच्छा माना जाता है. मान्यताओं के अनुसार वृश्चिक संक्रांति में ब्राह्मण को गाय दान करने का खास महत्व होता है.


इसे भी पढ़ेंः जानिए क्यों पूजा में इस्तेमाल किया जाता है गेंदे का फूल, क्या है इसकी अहमियत

पूजन विधि-


  1. सूर्योदय से पहले उठकर सूर्यदेव की पूजा करनी चाहिए
  2. पानी में लाल चंदन मिलाकर तांबे के लोटे से सूर्य को जल चढ़ाएं. इसके साथ ही रोली, हल्दी व सिंदूर मिश्रित जल से सूर्यदेव को अर्घ्य दें.
  3. लाल दीपक जलाना चाहिए. घी में लाल चंदन मिलाकर दीपक लगाएं. सूर्य देव को लाल फूल चढ़ाएं.
  4. गुग्गल की धूप करें, रोली, केसर, सिंदूर चढ़ाना चाहिए.
  5. गुड़ से बने हलवे का भोग लगाएं और लाल चंदन की माला से 'ॐ दिनकराय नमः' मंत्र का जाप करें.
  6. पूजन के बाद नैवेद्य लगाएं और उसे प्रसाद के रूप में बांट दें.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 17, 2019, 5:59 AM IST

Loading...