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महाराष्ट्र: जब राज्यपाल की इस बात से दो घंटे तक अटकी रहीं नेताओं की सांसें

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महाराष्ट्र: जब राज्यपाल की इस बात से दो घंटे तक अटकी रहीं शिवसेना नेताओं की सांसें
आदित्य ठाकरे के साथ पार्टी विधायक दल के नेता एकनाथ शिंदे और सीनियर पार्टी लीडर रामदास कदम.

जब लैटर की डिमांड राज्यपाल (Governor) की ओर से की गई तो तुरंत राजभवन (Governor House) में बैठे नेताओं ने मातोश्री (Matoshree) फोन किया. मातोश्री में एक लेटर ड्राफ्ट कराया गया. लैटर राजभवन में ईमेल किया गया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 27, 2019, 9:13 AM IST
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नई दिल्ली. अजित पवार (Ajit Pawar) और देवेन्द्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के इस्तीफा देने के बाद से मंगलवार को महाराष्ट्र में सियासी माहौल एकदम से पलट गया था. तस्वीर का रुख बदलते ही शिवसेना (Shivsena), नेशनल कांग्रेस पार्टी (NCP) और कांग्रेस (Congress) ने अपनी रणनीति बदल दी. एक-एक कर फटाफट सारे काम निपटाए जाने लगे. उद्धव ठाकरे को नेता चुनने के बाद तीनों पार्टी के वरिष्ठ नेता राजभवन पहुंच गए. राज्यपाल को महाराष्ट्र विकास आघाडी पार्टी की ओर से सभी दस्तावेज सौंपे जाने लगे. लेकिन इसी बीच राज्यपाल ने एक ऐसा लैटर मांग लिया जिसे आघाडी पार्टी के नेता लेकर आना भूल गए तो दूर की बात, उसके बारे में सोचा तक नहीं गया था. जिसके चलते सभी नेता उस वक्त तक राजभवन में ही बैठे रहे जब तक की मातोश्री से वो लैटर नहीं आ गया.

ऐन वक्त पर ये लैटर मांगा था राज्यपाल कोश्यारी ने

महाराष्ट्र विकास आघाडी के नाम से नई सरकार बनाने का दावा राज्यपाल पेश करते समय समर्थन से संबंधित सारे पत्र दिए गए थे. यही नहीं सभी विधायकों के समर्थन पत्र भी दिए गए थे. सभी नेताओं को उम्मीद थी कि महज कुछ मिनटों में राज्यपाल समर्थन पत्र, नेताओं और विधायकों के सिग्नेचर वाले पत्र देखकर उन्हें सरकार बनाने के लिए सहमति दे देंगे. लेकिन अचानक राज्यपाल ने एक ऐसा लेटर मांगा जो किसी भी विधायक या विधानमंडल के नेता के पास नहीं था. दरअसल महाराष्ट्र विकास आघाडी के बैनर तले सभी पार्टियों ने उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाने का एक सहमति पत्र और उसके साथ-साथ सभी विधायकों के सिग्नेचर वाले कागजात राज्यपाल को सौंप दिए गए, लेकिन उसमें उद्धव ठाकरे का सहमति पत्र नहीं था. उद्धव ठाकरे का वह सहमति पत्र जिसमें वह इस बात को लेकर राजी हो गए हो कि सभी पार्टियां उन्हें मुख्यमंत्री बनाने का जो प्रस्ताव दे रही है उस प्रस्ताव पर वह सहमत हैं और वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं.

दो घंटे बाद फिर ऐसे राजभवन पहुंचा उद्धव ठाकरे का लैटर

जब लैटर की डिमांड राज्यपाल की ओर से की गई तो तुरंत राजभवन में बैठे.बैठे नेताओं ने मातोश्री फोन किया. मातोश्री में एक लेटर ड्राफ्ट कराया गया. लैटर ईमेल किया गया. राजभवन में नेताओं ने लैटर का प्रिंट निकालकर उद्धव ठाकरे के सिग्नेचर लिए. इसके बाद राजभवन में बैठे शिवसेना सहित तमाम दूसरी पार्टी के नेताओं ने उस लैटर को राज्यपाल को दिया. लैटर हाथ में आते ही राज्यपाल ने 28 तारीख की शाम 6:40 पर उद्धव ठाकरे को महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री बनाने की शपथ लेने का एक पत्र दिया साथ ही उस पत्र में अगले 7 दिनों के भीतर उन्हें अपनी सरकार का विश्वास मत हासिल करने के लिए भी कहा.

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First published: November 27, 2019, 8:53 AM IST

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