ये है भारत के 5 सबसे खतरनाक कमांडो, NO.3 हाथ पैर बंधे होने पर भी तैरने में होते हैं माहिर - AcchiNews.com अच्छी न्यूज़ डॉट कॉम

AcchiNews.Com अच्छी न्यूज़ डॉट कॉम is Hindi Motivational Inspirational quotes site here you can find all positive khabar in hindi.

Earn Money

ये है भारत के 5 सबसे खतरनाक कमांडो, NO.3 हाथ पैर बंधे होने पर भी तैरने में होते हैं माहिर

दोस्तों हर देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी उस देश की आर्मी की होती है। दोस्तों दुनिया में लगभग हर देश में आर्मी के कई भाग होते हैं। दोस्तों हमारे भारत देश में भी आर्मी तीन प्रकार की है जल, थल और वायु। लेकिन दोस्तों इसके अलावा भी भारत में 5 खतरनाक कमांडोज तैयार किए जाते हैं, जो किसी विशेष उद्देश्य के लिए बनाए जाते हैं दोस्तों आज हम आपको हमारी पोस्ट के माध्यम से भारत के 5 सबसे खतरनाक कमांडोज के बारे में बताने जा रहे हैं।

1.एलीट पैरा कमांडो


दोस्तों एलीट पैरा कमांडो हवा में मार करने के लिए ट्रेंड होते हैं। इन जवानों को 30 से 35 हजार फीट की ऊंचाई से छलांग लगाने में महारत हासिल होती है। इंडियन आर्मी के एलीट पैराकमांडोज ने इंडो-म्यांमार बार्डर पर सर्जिकल मिशन को अंजाम दिया। इस यूनिट में स्पेशल ट्रेन्ड कमांडोज होते हैं। यह कमांडोज पैराशूट रेजिमेंट का हिस्सा हैं। इसमें स्पेशल फोर्सेस की 7 बटालियंस शामिल हैं। इस कमांडो यूनिट का निर्माण भारत और पाकिस्तान के बीच 1965 में हुई जंग के दौरान हुआ था। इंडियन आर्मी के ट्रेंड कमांडो दुश्मनों को छलने के लिए विशेष ड्रेस का इस्तेमाल करते हैं। इन ड्रेसों का हल्का रंग रेगिस्तान में और गाढ़ा रंग हरियाली के बीच उन्हें छिपने में मदद करता है। कमांडो एक खास झिल्लीदार सूट भी पहनते हैं, जिन्हें किसी वातावरण में छिपने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। स्पेशल फोर्स पर्पल बैरेट पहनते हैं और इनकी इजराइली टेओर असॉल्ट राइफल इन्हें पैरामिलिट्री फोर्स से अलग बनाती है।


2.एनएसजी



दोस्तों एनएसजी देश के सबसे अहम कमांडो फोर्स में एक है, जो गृह मंत्रालय के अंदर काम करते हैं। एनएसजी में चुने जाने वाले जवान तीनों सेनाओं, पुलिस और पैरामिलिट्री के सबसे अच्छे जवान होते हैं। आतंकवादियों की ओर से आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर लडऩे के लिए इन्हें विशेष तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। दोस्तों 26/11 मुंबई हमलों के दौरान एनएसजी की भूमिका को सभी ने सराहा था। इसके साथ ही वीआईपी सुरक्षा, बम निरोधक और एंटी हाइजैकिंग के लिए इन्हें खासतौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इनमें आर्मी के लड़ाके शामिल किए जाते हैं, हालांकि दूसरे फोर्सेस से भी लोग शामिल किए जाते हैं। इनकी फुर्ती और तेजी की वजह से इन्हें ब्लैक कैट भी कहा जाता है।

3.मार्कोस


दोस्तों इनका नाम आपने कम ही सुना होगा। इंडियन नेवी के स्पेशल कमांडोज जिन्हें आम नजरों से बचा कर रखा गया है। मार्कोस को जल, थल और हवा में लडऩे के लिए विशेष ट्रेनिंग दी जाती है। समुद्री मिशन को अंजाम देने के लिए इन्हें महारत है। 20 साल उम्र वाले प्रति 10 हजार युवा सैनिकों में एक का सिलेक्शन मार्कोस फोर्स के लिए होता है। इसके बाद इन्हें अमेरिकी और ब्रिटिश सील्स के साथ ढाई साल की कड़ी ट्रेनिंग करनी होती है। स्पेशल ऑपरेशन के लिए इंडियन नेवी के इन कमांडोज को बुलाया जाता है। मार्कोस हाथ पैर बंधे होने पर भी तैरने में माहिर होते हैं। ये कमांडो हमेशा सार्वजनिक होने से बचते हैं। नौसेना के सीनियर अफसरों की मानें तो परिवार वालों को भी उनके कमांडो होने का पता नहीं होता है। 26/11 हमले में आतंकवादियों से निपटने में इनकी खास भूमिका थी।

4.एसपीजी


दोस्तों एसपीजी को प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए खास तौर पर तैयार किया गया है। हालांकि वह अपनी ट्रेडमार्क सफारी सूट में हमेशा दिखते हैं, लेकिन कुछ खास मौकों पर एसपीजी कमांडोज को बंदूकों के साथ काली ड्रेस में भी देखा जाता है। एसपीजी के जवान बहुत ही ज्यादा चुस्त और समझदार होते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1985 में इसे बनाया गया, अब यह कमांडो फोर्स पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिवारों को सुरक्षा प्रदान करते हैं।

5.गरुड़


दोस्तों इंडियन एयरफोर्स ने 2004 में अपने एयर बेस की सुरक्षा के लिए इस फोर्स की स्थापना की। मगर गरुण को युद्ध के दौरान दुश्मन की सीमा के पीछे काम करने के लिए ट्रेंड किया गया है। आर्मी फोर्सेस से अलग ये कमांडो काली टोपी पहनते हैं। गरुड़ जवान पानी, हवा और रात में मार करने की अनोखी क्षमता रखते हैं, इन्हें मुख्य तौर पर माओवादियों के खिलाफ मुहिम में शामिल किया जाता रहा है।

दोस्तों कमेंट करके बताएं कि आपको हमारी पोस्ट कैसी लगी।