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पालतू जानवरों में कोरोना के संक्रमण का खतरा, महामारी की दूसरी लहर का बनेंगे कारण

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नई दिल्ली: दुनिया भर में बड़ी परेशानी पैदा करने वाले कोरोना वायरस से इतनी जल्दी छुटकारा नहीं मिलने वाला है। यूनिवर्सिटी कॉलेज, लंदन के शोध में दावा किया गया है कि कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले में जानवर भी खतरनाक साबित होंगे और उनके माध्यम से संक्रमण मनुष्यों में फैल सकता है। शोध के अनुसार, अगर मानव वायरस को मिटाने में सफल होता है, तो महामारी की दूसरी लहर जानवरों के माध्यम से आ  सकती है।

यूनिवर्सिटी कॉलेज, लंदन का यह शोध लांसेट जनरल में प्रकाशित हुआ है। शोध कहता है कि दुनिया में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए जानवरों की आबादी पर भी नजर रखी जानी चाहिए क्योंकि ये वायरस संक्रमण के प्रमुख वाहक साबित हो सकते हैं। शोध कहता है कि जब मनुष्यों के करीब रहने वाले पालतू जानवरों में वायरस का संक्रमण होता है तो महामारी की दूसरी लहर की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। अधिक शोध किए जाने की आवश्यकता है, जिस पर पशु को संक्रमण का सबसे अधिक खतरा है।

शोध दल के प्रमुख प्रोफेसर जॉन सेंटिनी का कहना है कि हमें इस बात के प्रमाण मिले हैं कि कोरोना वायरस को इंसानों से जानवरों तक पहुँचाया जा सकता है और फिर इंसान भी इस वायरस से संक्रमित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि संक्रमण के जोखिम के स्तर को अभी नहीं बताया जा सकता है क्योंकि इस मुद्दे पर शोध नहीं किया गया है।

प्रोफेसर सेंटिनी का कहना है कि हमें कोरोना वायरस के खात्मे के लिए एक रणनीति तैयार करनी होगी जिसमें इंसानों के साथ-साथ जानवरों को भी इस वायरस के संक्रमण से बचाया जा सके। माना जाता है कि कोरोना वायरस की उत्पत्ति चीन के वुहान शहर से हुई थी और विशेषज्ञों का कहना है कि इस वायरस को पहली बार चमगादड़ में लाया गया था। चमगादड़ से इस वायरस का संक्रमण अन्य जानवरों तक पहुंच गया और फिर इस वायरस ने मनुष्यों पर हमला किया। कुछ विशेषज्ञों का दावा है कि चमगादड़ से यह वायरस पैंगोलिन तक पहुंच गया और फिर इस वायरस का संक्रमण मनुष्यों में फैल गया।