लापरवाही: मेडिसिन विभाग की गेट पर तड़प-तड़प कर मर गया कोरोना मरीज - AcchiNews.com अच्छी न्यूज़ डॉट कॉम

AcchiNews.Com अच्छी न्यूज़ डॉट कॉम is Hindi Motivational Inspirational quotes site here you can find all positive khabar in hindi.

Earn Money

लापरवाही: मेडिसिन विभाग की गेट पर तड़प-तड़प कर मर गया कोरोना मरीज

Mi सेल लगी मात्र 1 रुपये में कई प्रोडक्ट आपके हो सकते हैं अभी अप्लाई करो www.saleoffer.online Or पाइये paytm 1000 रुपये रिचार्ज आफर https://ift.tt/2OqCzSo

शुक्रवार को पटना सिटी के आगम कुआँ में स्थित नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) प्रशासन ने बड़ी लापरवाही दिखाई है। अस्पताल परिसर में एक कोरोना पीड़ित मरीज की मौत हो गई। मरीज आधे घंटे तक मेडिसिन विभाग के गेट के पास तड़पता रहा, लेकिन अस्पताल में तैनात डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने उनकी देखभाल करना उचित नहीं समझा।

तस्वीर में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि कोरोना से पीड़ित एक बुजुर्ग मरीज मेडिसिन विभाग के गेट के पास पीड़ित था। मरीज के परिवार ने उसे उठाने की कोशिश की, लेकिन अस्पताल के किसी भी कर्मचारी ने हाथ उठाना उचित नहीं समझा।

अस्पताल में तैनात स्वास्थ्य कर्मी और सुरक्षाकर्मी मरीज को तड़पते हुए मरते हुए देख रहे थे। मृतक की पहचान सारण जिले के नौतन निवासी 58 वर्षीय बुजुर्ग कन्हैया प्रसाद के रूप में की गई है, जिसे 17 जून को गंभीर हालत में एनएमसीएच में भर्ती कराया गया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उन्हें कोरोना जांच में पॉजिटिव पाए जाने पर उनकी गंभीर हालत के कारण अन्य वार्डों से मेडिसिन विभाग में भर्ती कराया जा रहा था। आरोप है कि अस्पताल के वार्ड अटेंडेंट ने मरीज को ट्रॉली भी नहीं दी।

अंत में, रोगी के परिवार के सदस्यों को रोगी को अपने साथ चिकित्सा विभाग में ले जाने के लिए मजबूर किया गया था, लेकिन बुजुर्ग रोगी चिकित्सा विभाग के द्वार पर गिर गया, और तड़प कर मर गया। घटना को लेकर मृतक के पुत्र सचिन कुमार ने बताया कि कन्हैया प्रसाद तेज बुखार के साथ सांस की बीमारी से पीड़ित था। अगर समय से अस्पताल में उसका इलाज किया जाता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। मृतक के बेटे ने राज्य सरकार से न्याय की गुहार लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की है।

अस्पताल प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण कोरोना से पीड़ित एक मरीज की मौत के बारे में पूछे जाने पर अस्पताल अधीक्षक डॉ निर्मल कुमार सिन्हा ने कहा कि कन्हैया प्रसाद गंभीर सांस की बीमारी से पीड़ित थे। वह कोरोना सकारात्मक भी था। हालांकि, इस दौरान अधीक्षक ने स्वीकार किया कि मरीज को शिफ्ट करते समय वार्ड अटेंडेंट को हर समय मरीज के साथ रहना चाहिए। अस्पताल अधीक्षक ने पूरे मामले की जांच करने का आश्वासन देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी वादा किया है।